भूपालसागर।नागेश्वर तीर्थ से नाकोड़ाजी के लिये रवाना हुई 38 दिवसीय विश्वशांति यात्रा के 16 वें दिन यानि आज शनिवार 25 दिसम्बर को आकोला से विहार करके भूपालसागर हाईवे रोड से करेड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ की ओर प्रवेश किया जिसमे बेंड बाजो की मधुर भक्ति धुनों के साथ जुलुस मे  दो रथ चल रहे थे यात्रा संघ के प्रेरणा और निश्रा दाता मालव मातण्ड पू. आचार्य श्री मुक्तिसागरसूरिजी म. सा.आदि ठाना 3 के सानिध्य मे साथ मे 17 साध्वीजी का भी सानिध्य के प्रवेश के समय स्थानीय तीर्थ पर विराजमान मेवाड़ देशोद्वारक आचार्य जीतेन्द्र सूरीश्वर जी के शिष्य आचार्य निपुण रत्न सूरीश्वर जी आदि ठाना सहित साध्वी जी ने अगवानी मे रहे इसके बाद भव्य जुलुस हाईवे से होते हुए मुख्य बस स्टेण्ड होते हुए जैन मंदिर पहुंचा। जहाँ स्थानीय संघ की महिला मण्डल द्वारा महारसा का वांदना हुआ उसके बाद संघ मे पैदल श्रावक श्राविका का पाद पक्षलन हुआ तिलक के साथ स्वागत हुआ। साथ  दोपहर मे प्रवचन हुआ जिसमे  आचार्य निपुण रत्न सूरीश्वर जी ओर मुक्ति सागर जी महारासा ने धर्म की धारा बहाई शाम को भव्य भक्ति संध्या है  इस चुस्त छरिपालित संघयात्रा  मे 150 से ज्यादा एकासन वाले ओर अन्य तपस्वी गण है  यह संघ रोजाना करीब 15 से 20किलोमीटर का डेली पैदल रहता है  कल संघ भूपालसागर से विहार होकर दरीबा की ओर जायेगा। इसे पूर्व संघपति पारस मल भंडारी महेंद्र जैन का  बहू मान किया गया। स्थानीय करेड़ा पार्श्वनाथ ट्रस्ट के अनीश कोठारी राजा सम्प्रति मण्डल भीलवाड़ा के श्रेणिक भाई मुकेश भाई  अभिषेक भाई, सुनील भाई ,अनिल भाई स्थानीय संघ के रमेश चन्द्र सेठ कन्हैया लाल चपलोत ,नानालाल कर्णावट सम्पत लाल, अशोक चपलोत लादू लाल, भरत महात्मा , महेंद्र सेठ अरविन्द रांका,  जिनेन्द्र डांगी सहित महिला मण्डल बालिका मण्डल के अनेक श्रावक श्राविका उपस्थित रहे।