चित्तौड़गढ़।यों तो हमारा देश वीरों और सपूतों से भरा पड़ा है और पूरा देश ही वीर गाथाओं के लिए जाना जाता है लेकिन चित्तौड़गढ़ का महत्व वीरता और बलिदान की बात की जाए तो बात करते हुए भी गर्व महसूस हो जाता है। चित्तौड़गढ़ की वीरता के इतिहास को आगे बढ़ाते हुए देश की सेवा और रक्षा के लिए आज भी हमारे कई सपूत सेना में अपनी गौरवमई सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 
ऐसे ही एक वीर धरती चित्तौड़गढ़ के सपूत, दुर्ग निवासी कैलाश कुमावत आज 18 वर्ष की सेना से गौरवमई सेवा के बाद सेवा निवृत्त हो अपने घर लौट चुके हैं जिनका घर लौटने की सुचना मिलते ही कई कर्मचारी और आमजन ने गौरवशाली सेना के सम्मान के लिए चित्तौड़गढ़ में पहुंचे वीर सैनिक कैलाश कुमावत का सम्मान कर उन्हें गौरव का अहसास कराया। 
कुमावत का सम्मान एक जगह नहीं अपितु हर नुक्कड़ हर मौहल्ले में कहीं मालाओं तो कहीं ढोल नगाड़ों के साथ किया गया। कुमावत का शहर में प्रवेश पर सबसे पहले बिजली कर्मचारियों द्वारा स्वागत किया गया जिसमें जगदीश गुर्जर, पवन शर्मा, कैलाश सिंह, महेश बिलवाल, देवीलाल कुमावत, नरेश भाटी, दिनेश  गाचा, नरेंद्र पटवा, सुरेश सेवदा, प्रकाश सोनी, उदय लाल समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।