चित्तौड़गढ़। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक , वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन यूनस्को की स्थानीय ईकाई के द्वारा शहर के प्रबुद्धजनों की एक गोष्ठी का आयोजन अलख स्टडीज गांधी नगर में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सुनिल झाँ की अध्यक्षता में हुआ।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जे.पी. भटनागर ने बताया कि प्रमुख वक्ता शिक्षा के पूर्व संयुक्त निदेशक श्याम सिंह मण्डलियां ने हमारी सांसकृतिक विरासत मे रिवाज , धर्म , संस्कृति , भाषा , संगीत , नृत्य , भवन , अभिलेख , साहित्य , रहन _ सहन व खान _पान आदि को संरक्षण देना चाहिए। आगे उन्होने बताया कि  हमारी विरासत भूमि , पर्वत , नदी समुद्र व खनिज का उपयोग भी इस तरह किया जाऐ कि आने वाली पीढियां के भी उपयोग हो सके ।
  चर्चा मे वैद्य लक्ष्मी लाल जोशी , शिक्षाविद श्याम सुन्दर शर्मा , उद्योगपति सुरेश कल व डा•भास्कर गोयल ने अपनी सहभागिता निभाई ।    पर्यटन जिसके दम पर चल रहा है हमे इमारतों , वन्यजीव ,नदी , झरने , आदि का भी संरक्षण करना चाहिए ।
 लेखक, कवि, संगीत कार , चित्रकार , संग्रहालय , पाण्डुलिपियों , इमारतो , ताम्रपत्र , भोजपत्र का संरक्षण भी आवश्यक है । हमारे पूर्वजो की कृतियों को , ऋषि _मुनियों के उपदेशो , चिकित्सा पद्धतियों को संजोकर रखना कर्तव्य है । हमारी विरासत है ।
  विरासत के क्रम में जे.पी.भटनागर ने गुप्तकालीन , मुगलकालीन , चित्रकुट दोस्ती लंदन का पूरा सेट व सैकडो वर्षो पुराने सिक्के भी प्रदर्शित किऐ ।अन्त मे सुनिल झाँ ने सभी को धन्यवाद देते हुऐ कहा कि इस तरह की गोष्टिया उपयोगी होती है ।