चित्तोडगढ़।राजेंद्र प्रसाद गोयल उपमहानिरीक्षक पुलिस (सह जिला पुलिस अधीक्षक) चित्तौरगढ़ ने बताया कि जिले हाजा में अवैध तरीके से वन्य उपज का व्यापार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान जिला विशेष टीम को 04.01 .2021 को प्रातः जरिए मुखबीर सूचना मिली की डूंगला से चित्तौड़गढ़ की तरफ एक ट्रक खैर की लकड़ी से भरा हुआ आ रहा है, जिसके ऊपर तिरपाल लगा हुआ है। सूचना पर कार्यवायी हेतु हिम्मत सिंह देवल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  के निर्देशन में  जिला विशेष टीम प्रभारी विक्रम सिंह राणावत के नेतृत्व में  जिला विशेष  टीम ने थानाधिकारी डूंगला को सूचित कर थाने के सामने नाकाबंदी शुरू की  सूचना के मुताबिक एक ट्रक डूंगला  की तरफ आता हुआ दिखाई दिया जिसमें  कुल 3 व्यक्ति बैठे हुए दिखाई दिए। ट्रक चालक ने पुलिस जाब्ते को देखकर ट्रक रोककर घुमाने का प्रयास किया जिसे टीम ने रोककर यथास्थिति बैठे रहने हेतु हिदायत की। पुलिस ने ट्रक चालक से उसका नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम शौकत अली पिता मजीद खा मुसलमान उम्र 42 साल पैसा ड्राइवरी निवासी गंधोला पुलिस थाना चोपानकी तहसील तिजारा जिला अलवर होना बताया।  पास में बैठे व्यक्ति ने स्वयं को खलासी बताते हुए अपना नाम कयूब पिता भब्बल मेव मुसलमान उम्र 32 साल निवासी गवालदा तहसील तिजारा थाना चोपानकी जिला अलवर होना बताया।   एक अन्य व्यक्ति से उसका नाम पता पूछा तो उसने  अपना नाम रफीक खान पिता नन्ने  खां जाति मुसलमान उम्र 35 साल निवासी कलंदर खेड़ा थाना निकुम्भ जिला चित्तौड़गढ़ होना पुलिस ने ट्रक पर लगे हुए  तिरपाल को हटाकर देखा तो अंदर खैर की गीली  लकड़ी के गट्टे भरे हुए थे। उक्त तीनों व्यक्तियों से खैर की लकड़ी को परिवहन करने से संबंधित टीपी या वैध अनुज्ञा पत्र के बारे में पूछा तो  नहीं होना बताया। खैर की लकड़ी का वजन किया गया तो कुल वजन 11635 किलोग्राम हुआ। उक्त तीनों  व्यक्तियों का अपने कब्जे में इतनी बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी रख बिना अनुज्ञा पत्र के परिवहन करना फॉरेस्ट एक्ट की धारा 41 42 व 379 आईपीसी का अपराध बनने से तीनों को मौके से गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पुलिस थाना डूंगला पर प्रकरण दर्ज कर जांच जारी है।
  उक्त कार्यवाही में विशेष योगदान  कांस्टेबल जितेंद्र 817 का रहा।