चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार श्रम विभाग के विशेष निर्देश की पालना में
चित्तौड़गढ़ में भी बाल श्रम रोकथाम हेतु ज़िला कलेक्टर की अध्यक्षता में दिनांक 15 दिसम्बर को बाल श्रम टास्क फोर्स की बैठक रखी गई, सभी नियोजकों, होटलों ढाबों, औधोगिक संस्थानों में बाल श्रम नही करवाने,  नियोजकों से इस बाबत शपथपत्र भरवाने, पम्मलेटस, बेनर, पोस्टर जारी कराकर जगह जगह प्रचार-प्रसार करने, आदि के कार्य किये गये।
चित्तौड़गढ़ से श्रम विभाग के अधिकारी उप श्रम आयुक्त संकेत मोदी ने बताया कि 14 से कम उम्र के बालकों के हाथों में कलम होने की जरूरत हैं, बाल श्रम कानून अपराध है।
 मोदी ने बताया कि बाल श्रम रोकथाम हेतु जिले में 20दिसम्बर से 31दिसम्बर तक चलाते गये संघन अभियान के तहत प्रयास संस्थान व अन्य का भी सहयोग रहा हैं।
इस दोरान जन जागरण अभियान, रेली, सेमीनार के आयोजन किये गये।
वर्ष भर में अनेकों बार श्रमिकों को जिले रेस्क्यू किया,बाल मज़दूरी करते हूए पकड़े गए, नियोजकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की गई। सम्बंधित विभागों का भी सराहनिय प्रयास रहा।
   प्रयास संस्थान से रामेश्वर लाल शर्मा, फूल शंकर शर्मा, ममता कल्या,  छवी शर्मा, चाईल्ड लाइन, प्रयास संस्थान आदि ने सहयोग करते हूए  बाल श्रम रोकथाम हेतु अभियान में सहभागिता निभाई।
वरिष्ठ सहायक बाबू सिंह, ओ सी डब्लू सटाफ से रमन कुमार आदि के साथ साथ श्रम विभाग चित्तौड़गढ़ से सहायक प्रशासन अधिकारी मदन सालवी ओजस्वी ने बताया कि अब किसी भी घर परिवार से कोई भी बालक बालिकाएं बाल श्रम करते हूऐ कहीं भी नहीं पाएं जाएं।
श्रम निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में अब कहीं भी कोई बाल श्रम करते पाये जाने पर नियोजकों के विरुद्ध तथा बच्चों के माता-पिता के विरुद्ध भी संज्ञय कार्यवाही होगी।