चित्तोड़गढ़।युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा केंद्र चित्तौड़गढ़ के तत्वाधान में जल शक्ति मंत्रालय के अभियान कैच द रैन फेज 2 के अंतर्गत वर्षा जल संचयन एवं जल प्रदूषण पर दो दिवसीय वर्च्यूल कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
 जिला युवा अधिकारी संतोष चौहान ने युवाओं को कैच द रेन अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 
 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ डॉ दीपा इन्दोरिया कृषि विज्ञान केंद्र विभाग चित्तौड़गढ़ थे। डॉ इंदौरिया ने स्थानीय पारंपरिक स्रोतों जैसे जलाशय, बावड़ी, तालाब के जीर्णोद्वार और कृषि भूमि एवं ग्राम स्तर पर टांकों के निर्माण पर बल देते हुए युवाओ से आग्रह किया कि वर्तमान समय में वर्षा के जल का संग्रह अत्यंत प्रासंगिक है। हम सब को अपने घर से इस अभियान की शुरुआत करनी होगी और सभी घरों में वर्षा के जल संचयन के लिए ऐसे संसाधन उपलब्ध करने होंगे जिनसे हम वर्ष भर पीने योग्य पानी का संचय कर सकें। पानी का जीवन में सदुपयोग किस प्रकार किया जाये, वर्षा जल संचयन क्यों ज़रूरी है और आज के युवाओं को इस विषय के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है तभी हम अपने भविष्य और आने वाली पीढ़ी को देख पाएंगे। वर्षा जल संचयन के स्थानीय स्तर पर कम लागत से किस प्रकार वर्षा जल को संग्रहित किया जाए इसकी जानकारी दी गई। साथ ही वातावरण में मौजूद जल को शुद्ध रखना और प्रदूषण रहित रखने हेतु युवाओं द्वारा पहल कि जानी चाहिए, पानी में मौजूद टीडीएस आदि पर चर्चा की गई। इस ऑनलाईन कार्यशाला में  नेहरू युवा केंद्र के प्रतापगढ एवं चित्तौड़गढ़ के समस्त ब्लाक के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक एवं चिन्हित गांवो के युवा मंडलो के युवाओं ने भाग लिया।