जाशमा।जैन तीर्थो मे से एक करेड़ा पार्श्वनाथ जैन तीर्थ जो की मेवाड़ के शंखेश्वर नाम से जाना जाता है जहाँ पार्श्वनाथ जन्मकल्याणक महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया  मेवाडदेशोद्वारक परम् पूज्य जितेंद्र सूरीश्वर जी महारसा के शिष्य आचार्य निपुणरत्नसूरीश्वर जी के निश्रा मे सेकड़ो श्रावक श्रावीकाओं की उपस्थिति प्रवचन हॉल मे बताया की जैन धर्म में कुल 24 तीथंर्कर हुए, जिनमें 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का जन्म पौष कृष्ण दशमी को विशाखा नक्षत्र में काशी में इक्ष्वाकु वंश मे हुआ था। इनकी माता का नाम वामादेवी तथा पिता का नाम अश्वसेन था। माता जी ने अपने गर्भकाल में स्वप्न में एक बार फणधारी सर्प देखा था, इस कारण बालक का नाम पार्श्व रखा।
पार्श्वनाथ जी का वर्ण नीला, जबकि चिह्न सर्प है। इनके यक्ष का नाम पार्श्व व यक्षिणी को पद्मावती के नाम से जाना जाता है।आज  पार्श्वनाथ जी के जन्म व दीक्षा क्लायनक पर  कोरोना आदि पर विश्व शन्ति के एक मात्र लक्ष्य से विश्व शान्तिकर शांतिस्नात्र महापूजा व भव्य रथ यात्रा - वरघोड़ा का भव्य कार्यक्रम विशाल जनभेदनी के  बीच सुसम्पन हुआ पार्श्वनाथ प्रभु ने जीते जी समाधि शांति व मृत्यु के बाद  सदगति का शुभ संदेश अपने तक पहुचाये उसी लक्ष्य से हम आगे बड़े यही संदेश तथा वरघोड़े मे 2 रथ  भव्य चांदी रथ व घोड़े के साथ बेंड बाजो के द्वारा मधुर पार्श्व धुनों से आसपास माहौल पूर्णतया जैन धर्म जैसे हों गया साथ ही आज शामको 108 दीपक से भव्य महाआरती व भक्ति संध्या के साथ हुई।
इस त्रिदीवसीय पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक दीक्षा कल्याणक महोत्सव  अठम तप  स्वामीवात्स्ल्य प्रभु भक्ति के कार्यक्रम के लाभार्थी परिवार  नाडोल निवासी मूल चंद भूरमल परमार ,सागरमल अचलदास परमार बिजोवा निवासी मीठालाल हीराचंद दोषी कांति लाल जुगराज पुनमिया रानी निवासी रहे जिनका बहुमान करेड़ा पार्श्वनाथ जैन ट्रस्ट के हेमंत कोठारी दिलीप सुंदेशा अनीश कोठारी बालेन्द्र कोठारी कुलदीप नाहर श्रेणिक मनावत श्रेणिक भाई मिलाप चंद ने किया साथ ही आज के कार्यक्रम मे चितौड़गढ़ लोकसभा सांसद चन्द्र प्रकाश जोशी ,विधायक कपासन अर्जुन लाल जीनगर ,प्रधान हेमेंद्र सिंह राणावत, सरपंच प्यार चंद भील ,उप प्रधान देशराज गुर्जर एवम स्थानीय जैन संघ के साथ  आकोला  भादसोड़ा फतह नगर से पैदल यात्रिओ का जथा पंहुचा साथ ही कपासन ,जाशमा, राशमी ,फतहनगर, सनवाड़ ,दरीबा रेलमंगरा ,आमेट, सरदार गढ़ ,मावली उदयपुर ,चितोड़ गढ़ ,दांता ,उमण्ड करूकड़ा भिंडर से अनेक गाँवो के लोगो ने प्रभु दर्शन गुरु दर्शन वरघोड़ा स्वामीवात्स्ल्य का लाभ लिया ।वरघोड़े मे स्थानीय थाने के थानेदार भगवती लाल पालीवाल एवम पूरी टीम साथ मे रही ओर ट्रैफ़िक व्यवस्था को सकुशल सम्पन्न करवाने मे मदद की।