जाशमा। 108 जैन तीर्थो मे से एक करेड़ा पार्श्वनाथ जैन तीर्थ जो की मेवाड़ के शंखेश्वर नाम से जाना जाता है 108 श्री करेड़ा पार्श्वनाथ जैन तीर्थ पर पोषी दशम के निमित्त त्रिदिवसीय जन्मकल्याणक महोत्सव इस कार्यक्रम मे मेवाडदेशोद्वारक परम पूज्य जितेंद्र सूरीश्वर जी महारसा के शिष्य आचार्य निपुणरत्न सूरीश्वर जी के सानिध्य मे  करीब 150 से ज्यादा श्रावक श्राविका ने अठम तप तेला की तपस्या की शुरुआत आज हुई। त्रिदिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन यानि पोष वद नवमी  के दिन आज स्नात्र पूजा ओर पाटला पूजा पढ़ाई गयी । कल बुधवार को भगवान का जन्मकल्याणक मनाया जायेगा ।इस दिन सुबह भगवान अठारह अभिषेक का वरघोड़ा मंदिर से निकलेगा ।जिसमे बेंड बाजा  नवीन रथ मे भगवान का वरघोड़ा निकलेगा ।जो बस स्टेण्ड से होकर मंदिर के मुख्य मार्ग से होते हुये तालाब पर पहुंचेगा। जहाँ भगवान की आरती होंगी उसमे आसपास के गाँवो से अनेक जैन समाज के श्रावक श्राविका उपस्थित रहेंगे।