चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष में द्वारिका धाम में ‘‘हिन्द की चादर गुरुतेग बहादुर के नाम’’ एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
नगर प्रचार प्रमुख ने बताया कि 2021 गुरु परंपरा के नवम गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकाश वर्ष है। अप्रैल 1621 में गुरु तेग बहादुर का जन्म हुआ, इसी की स्मृति में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय गुरूद्वारा ग्रंथि ज्ञानी जी के शबद कीर्तन द्वारा की गई। आरएसएस के विभाग संघचालक हेमंत जैन, जिला संघचालक अनिरुद्ध सिंह भाटी तथा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सरदार जसबीर सिंह द्वारा भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया। मुख्य वक्ता राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए गुरु तेग बहादुर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जन समुदाय से मुस्लिम आक्रांताओ द्वारा किस प्रकार धर्मांतरण का काम किया गया तथा किस प्रकार  गुरुओं ने धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए अपने प्राण आहूत किए इस पर जोर दिया तथा उन्होंने कहा कि गुरुओं की वाणी के अनुसार जब तक संगत और पंगत चलेगी हिन्दू समाज अक्षुण्ण रहेगा। आज तलवार की जरूरत नहीं है लेकिन तलवार जैसे दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है। संगठित प्रयास करें। 21वीं सदी भारत की सदी है। यह तय माने। सेनाएँ रोकी जा सकती है, जीती जा सकती है किन्तु उस विचार को नहीं रोका जा सकता जिसके उठ आने का समय आ गया है। भारत अवश्य ही विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में 36 वाणियाँ है जिनमें केवल 6 गुरुओं की है, शेष 30 अन्य मतपन्थों की है। 
आभार विभाग संघचालक हेमंत जैन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित जन समुदाय के लंगर की व्यवस्था में प्रसाद एवं दूध सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं को पिलाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति सहित हजारों लोगों ने भाग लिया।